एक चिंगारी काफ़ी थी।
फ़िम्बुल शीत आया, और कभी नहीं गया। गाँव जम गए, रास्ते बर्फ़ के नीचे गुम हो गए और पुराने गीत ख़ामोश हो गए।
मुट्ठी भर बचे हुए लोग एक युवा जार्ल के पीछे तूफ़ान में चल पड़े, जिनका मार्गदर्शन मुनिन कर रहा था, एक कौआ जो पुरानी रीतियाँ याद रखता है। बर्फ़ के नीचे एक प्राचीन महान अलाव इंतज़ार कर रहा था।
उसने उसे फिर से जला दिया। उसी आग के चारों ओर बचे हुए लोग लंबे घर, लकड़हारों का शिविर और मीड हॉल बनाते हैं। यहीं से Ravheim शुरू होता है।










